एन्क्रिप्शन क्या है? Meaning of Encryption in Hindi

Encryption क्या होता है? यह हमारे डाटा की सुरक्षा कैसे करता है? यह कैसे काम करता है? इसके क्या फायदे हैं? what is the meaning of encryption in hindi? आज इस आर्टिकल में पूरी जानकारी मिलेगी।

आज के इस डिजिटल युग में हम हर रोज अपने मोबाइल, लैपटॉप जैसे डिवाइस का उपयोग करते हैं जिसमे हमारे कई सारे data मौजूद होते हैं। इसके अलावा हम इन्टरनेट से कनेक्ट होकर भी कई सारे sensitive information जैसे क्रेडिट कार्ड, personal information आदि का उपयोग करते हैं।

हम अपनी पर्सनल जानकारी और credit card का उपयोग कर ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, क्या आपने कभी सोचा की इन platforms पर आपके डाटा की सुरक्षा कैसे की जाती है? बिना डरे हम ये सब कर पाते हैं तो इसके पीछे की वजह है encryption जिसके बारे में आज हम विस्तार से जानने वाले हैं।

एन्क्रिप्शन क्या होता है? Meaning of Encryption in Hindi

meaning of encryption in hindi

कंप्यूटर की दुनिया में encryption एक ऐसा तरीका है जिससे किसी जानकारी या data को secret code में बदला जा सकता है ताकि वह जानकारी गुप्त रहे और उसे कोई unauthorized व्यक्ति या कंप्यूटर समझ न पाए।

गोपनीय जानकारी जैसे: पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड डिटेल आदि की सुरक्षा के लिए इसका उपयोग होता है। डिजिटल दुनिया में Data security के लिए यह तरीका आजकल बहुत ही ज्यादा उपयोग होता है।

टेक्निकल भाषा में Encrypted data को Ciphertext कहते हैं और unencrypted data यानि बिना एनक्रिप्ट किये गये डेटा को Plaintext कहा जाता है।

अन्य शब्दों में कहें तो encryption एक ऐसा process है जो की plaintext को ciphertext में बदल देता है।

encryption kya hai

डेटा को एन्क्रिप्ट करने के बाद इसे सुरक्षित तरीके से एक स्थान से दूसरे स्थान भेजा जा सकता है। Encrypted data को समझने के लिए इसे decode करना पड़ता है और उस process को decryption कहते हैं। एन्क्रिप्ट किये गये डाटा को सिर्फ वही समझ सकता है जिसके पास उस secret code को decode करने की decryption key या पासवर्ड होता है।

एन्क्रिप्शन का कहाँ उपयोग होता है?

हम अपने डेली लाइफ में हर दिन encryption का उपयोग करते हैं लेकिन हमें पता नही होता क्योंकि ये सारे प्रोसेस हमारे कंप्यूटर, मोबाइल अपनेआप कर लेते हैं।

आइये जानते हैं की आम जिंदगी में इसका कहाँ-कहाँ उपयोग हो रहा है:

  • वेबसाइट: चाहे फेसबुक, ट्विटर जैसे सोशल मीडिया हो या कोई न्यूज़ पोर्टल हो जब हम ऐसी वेबसाइट पर visit करते हैं तो आपने देखा होगा website ke URL के सामने https लिखा होता है, दरअसल यह Hypertext Transfer Protocol है जोकि security के लिए encryption का उपयोग करता है।
  • सोशल मीडिया Apps: सिर्फ वेबसाइट ही नही बल्कि आपके मोबाइल में मौजूद apps में भी इसका उपयोग होता है जैसे आपको पता होगा की Whatsapps के सारे calls और messages encrypted होते हैं।
  • ईमेल: जब आप ईमेल का आदान-प्रदान करते हैं तो ईमेल की जानकारियों को secure रखने के लिए भी इसका उपयोग होता है।
  • ATM: जब आप एटीएम से पैसे निकलते हैं तो वहां भी आपके डाटा को सिरक्षित रखने के लिए एन्क्रिप्शन का उपयोग होता है और एटीएम के सारे transactions encrypted होते हैं।
  • File Storage: आजकल Dropbox, Google Drive जैसे फाइल स्टोरेज platforms का काफी उपयोग होता है उसमे भी फाइल की सुरक्षा के लिए encryption का use होता है।

इस तरह हम कई तरीके से एन्क्रिप्शन का लगभग हर रोज उपयोग करते आ रहे हैं। इन सब के अलावा और भी कई सारे platforms हैं जहाँ cryptography का use किया जाता है।

Encryption कैसे काम करता है?

एन्क्रिप्शन में डाटा को encrypt करने के लिए अलग-अलग प्रकार के algorithm का उपयोग किया जाता है और ये अलग-अलग तरीके से काम करते हैं।

इसके अलावा encryption भी अलग-अलग प्रकार के होते हैं और उनके काम करने का तरीका भी अलग होता है। इसलिए सबसे पहले हम जान लेते हैं की encryption कितने प्रकार के होते हैं:

एन्क्रिप्शन के प्रकार – Types of Encryption

एन्क्रिप्शन मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं

  1. Symmetric Encryption
  2. Asymmetric Encryption

आइये इन दोनों को विस्तार से समझते हैं:

Symmetric Encryption क्या है?

Symmetric encryption में डाटा एन्क्रिप्शन और डिक्रिप्शन दोनों के लिए केवल एक ही key का उपयोग किया जाता है। इस method में जिस key के जरिये एन्क्रिप्शन किया जाता है उसी key से ही decryption भी किया जाता है। इसका मतलब ये की sender को अपने key की जानकारी भी receiver को share करनी पड़ती है।

symmetric encryption

इस technique में सबसे बड़ी कमजोरी यही है की sender और receiver के बीच key की जानकारी भी transfer होती है। यदि कोई attacker इस key को पता लगा लेता है तो वह जानकारी को पढ़ तो सकता ही है इसके साथ ही वह उसी key का उपयोग कर नई जानकारी encrypt करके sender या receiver को भेज भी सकता है।

Asymmetric Encryption क्या है?

Asymmetric encryption को public key encryption भी कहते हैं। इसमें एक नही बल्कि दो अलग-अलग keys का उपयोग होता है। एक key को public key कहा जाता है जो की encryption के लिए उपयोग होता है और दुसरे key को private key कहा जाता है जिससे decryption किया जाता है।

ये keys अलग-अलग तो होते हैं लेकिन mathematically एक दुसरे से related होते हैं। यहाँ पर sender और receiver दोनों के पास अपने-अपने public और private keys होता हैं।

asymmetric encryption

उदाहरण के लिए यदि राम कोई encrypted message मोहन को भेजना चाहता है तो सबसे पहले राम मोहन के public key का उपयोग करके मेसेज को एन्क्रिप्ट करेगा और उसे भेज देगा। मेसेज मिलने पर मोहन अपने private key से उसे decrypt कर लेगा।

कई सारे protocol जैसे: HTTPS, FTPS आदि में asymmetric cryptography का उपयोग data security के लिए होता है।

एन्क्रिप्शन के क्या फायदे हैं? Advantages of Encryption in Hindi

  • किसी भी जानकारी को गुप्त तरीके से एक स्थान से दुसरे स्थान तक सुरक्षित भेजा जा सकता है।
  • एन्क्रिप्शन का उपयोग privacy protection के लिए भी किया जाता है।
  • एन्क्रिप्शन का उपयोग आप भी आसानी से कर सकते हैं, आजकल लगभग हर device में यह सुविधा होती है, ऐसे कई सारे टूल्स हैं जिनका आप उपयोग कर सकते हैं।
  • जिस वेबसाइट या टूल में encryption का use होता है उसपर लोग ज्यादा भरोसा करते हैं।

Encryption से जुड़े कुछ शब्द और उनके मतलब

  • Algorithm: यह एक प्रकार का कंप्यूटर प्रोग्राम होता है जिसमे एन्क्रिप्शन करने के rules, instructions और mathematical calculations define होते हैं। encryption में कई प्रकार के algorithms का उपयोग होता है जिसमे DES, AES, RSA algorithm काफी popular हैं।
  • Plaintext: ऐसा डाटा को एन्क्रिप्टेड नही है plain text कहलाता है।
  • Ciphertext: एन्क्रिप्ट होने के बाद डाटा unreadable format में बदल जाता है जिसे ही ciphertext कहते हैं।
  • Decipher: Encrypted data को decrypt करना decryption या decipher कहलाता है।
  • Key: इसे आप encrypted file को open करने का password समझ सकते हैं। इसके बिना आप decryption नही कर सकते।

Decryption क्या है? Decryption Meaning in Hindi

अगर encrypted file को read करना है तो उसे decrypt यानि decode करना पड़ता है ताकि वह वापस plaintext के format में आ जाए। इसी प्रोसेस को decryption कहा जाता है।

meaning of decryption in hindi

इस process में ciphertext वापस plaintext में convert हो जाता है इसलिए इस प्रकिया को decipher भी कहा जाता है।

कुछ अन्य उपयोगी लेख:

Conclusion – एन्क्रिप्शन क्या होता है? Meaning of Encryption in Hindi

एन्क्रिप्शन का उपयोग data security के लिए digital devices और online platforms आदि में किया जाता है। इस process के लिए अल्गोरिथम का उपयोग होता है जिसमे encryption के rules और instructions पहले से निश्चित होते हैं।

ये encryption algorithm readable data (plaintext) को input के रूप में लेते हैं और उसे unreadable data (ciphertext) में बदल देते हैं। Decryption का प्रोसेस इसका उल्टा होता है यह encrypted file को decode करने के काम करता है। encryption decryption दोनों में secret keys का उपयोग होता है।

हमें उम्मीद है आपको encryption क्या है और इसका क्या मतलब है (meaning of encryption in Hindi) समझ आ गया होगा।

Default image
Vivek Vaishnav
नमस्कार, मैं विवेक, WebInHindi का founder हूँ। इस ब्लॉग से आप वेब डिजाईन, वेब डेवलपमेंट, Blogging से जुड़े जानकारियां और tutorials प्राप्त कर सकते हैं। अगर आपको हमारा यह ब्लॉग पसंद आये तो आप हमें social media पर follow कर हमारा सहयोग कर सकते हैं|

Newsletter Updates

Enter your email address below to subscribe to our newsletter

2 Comments

  1. Ee Topic bohot aacha laga nice content…
    Or post kijeye sir please…. thank you

Leave a Reply

Copy link